शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018

नींद (लघुकथा )

मनोहर की मिठाई की दुकान रात के 10 बजे बंद हो जाने पर चारों तरफ सन्नाटा छा जाता है । और दुकान के सभी मजदूर वर्ग सुबह के इंतजार के लिए सो जाते हैं । उन्हीं के बीच एक सोलह वर्ष का लड़का रात भर जागता रहता है । उसे नींद नहीं आती पर दिन में काम करते समय उसे नींद आती है, तो मालिक से वह प्रताड़ित होता रहता है । एक दिन डाक विभाग के माध्यम से वायुसेना का बुलावा पत्र कमलेश के नाम आता है । यह वही कमलेश है जिसको रात में नींद नहीं आती थी । वायुसेना में जाने की प्रक्रिया से वह गुजरता है । पर अचानक थाने की रिपोर्ट से पता चलता है कि उसके ऊपर F.I.R.दर्ज है जो उसके चाचा द्वारा दर्ज कराया गया है । कमलेश को जब इस बात का पता चलता है तो वह कभी मालिक से प्रताड़ित नहीं होता क्योंकि रात में वह गहरी नींद में सोने लगता है ।



सर्वेश कुमार मिश्र
शोधार्थी, हिंदी विभाग
राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय
बांदरसिंदरी, अजमेर।
मो. 09559636736
                                                                                                 Email-curajskmishra@gmail.com

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