आजकल व्यस्तता इतनी बढ़ गई है सबकी
कि अब किसी के नाम से हिचकी नहीं आती ।
लोग दुआ सलाम तो करते हैं फोन व मीडिया से।
पर किसी के दरवाजे पर बैठकी नजर नहीं आती ।।
जरूरत अपनी पैसों से पूरी हो रही है ।
इसलिए छप्पर उठाने कोई गाँव नहीं आता ।
रामचरित मानस हर घर में पढ़ी जाती है ।
पर घरों से खाँसने की आवाज नहीं आती ।।
आजकल व्यस्तता इतनी बढ़ गई है सबकी
कि अब किसी के नाम से हिचकी नहीं आती ।
19 अगस्त 2019
समय 9:50 रात्रि
स्थान मरुधर ट्रेन में ।